औरत का मुँह मर्दों का पेशाबघर है, जहाँ पेशाब और मल त्याग की आज़ादी है! यही उन्माद की पराकाष्ठा है। पेशाब से छप-छप की आवाज़ आती है, और आखिर में मल मुँह पर गिरता है।