यह कहानी है एक भोली-भाली और अनुभवहीन महिला सहायक निर्देशक की, जो एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री में निचले स्तर पर रहकर अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रही है। कंपनी में शामिल होने पर उसकी एकमात्र इच्छा निर्देशक बनने की थी, लेकिन उसे भयानक शक्ति हनन और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है…! जब वह पूरी ताकत से विरोध करती है और चिल्लाती है, "यह यौन उत्पीड़न है! यह गलत है!", तब भी उसे केवल यही धमकी दी जाती है, "तुम निर्देशक बनना चाहती हो, है ना? यही इंडस्ट्री का चलन है," और उसे रोज़ाना दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। यही सबसे दिल दहला देने वाला हिस्सा है…
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