"ये कैसी खुशबू है?" कमरे में फैली खट्टी-मीठी खुशबू माँ आयानो की थी। दिन भर की मेहनत से थकी आयानो सोफ़े पर सो गई थी। "अपने मोज़े पहनते रहो... माँ को सर्दी लग गई है।" तोशिया की नाक में एक गहरी, सोंधी खुशबू गुदगुदी कर रही थी, जब वह उसे जगाने के लिए झुका। "मुझे और चाहिए।" तोशिया ने आयानो के पसीने से तर, चमकदार शरीर को सहलाया, उसकी इच्छा उसके अंदर उमड़ रही थी।
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